अयोध्या में बना राम मंदिर युवाओं के चरित्र के मार्गदर्शन का प्रकाशस्तंभ – कविता श्रीवास्तव

आज देश में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी में एक बार फिर से उत्साह भक्ति तथा अद्भूत आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया है. भगवान श्री राम के मंदिर में ध्वजारोहण का यह शुभ तथा ऐतिहासिक अवसर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना है अपितु भारत की संस्कृति, एकता, सनातन परंपरा तथा राष्ट्रीय गौरव का उज्जवल प्रदर्शन भी भव्य रूप से होता हुआ दिखाई दे रहा है.

सादियों की प्रतिष्ठा तथा संघर्ष के बाद साकार

आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में प्रसिद्ध द ब्राइडल मेकओवर एण्ड एकेडमी, कविता ब्यूटी पार्लर की मैनेजिंग डायरेक्टर कविता श्रीवास्तव ने संबोधित करते हुए कहा है कि मैं एक बॉलीवुड मेकअप आर्टिस्ट होने के नाते जहां मेरा संसार ग्लैमर, रोशनी तथा कैमरों में घिरा रहता है वही ऐसी अध्यात्मिक ऊर्जा एक नई दिशा तथा गहरी प्रेरणा भी दे रही है. आज इस पावन अवसर पर ध्वजारोहण के साथ फिर एक नई जीवन की यात्रा प्रारंभ हुई है अब ऐसे में यह शुरुआत जो सत्य, धर्म, नैतिकता तथा आदर्श की राह दिखाती है मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक है जितने त्रेता युग में थे आज हमें यह संदेश मिल पा रहा है आगे बढ़ाने, समाज को बेहतर बनाने तथा अपने कर्तव्य को निभाने का महत्वपूर्ण प्रेरणा दे रहा है

आज के इस पावन अवसर पर जब राम जन्मभूमि के शिखर पर धर्म ध्वज लहराया ऐसा लगा मानो पूरे देश के हृदय में श्रद्धा का दीप प्रज्वलित हो गया है यह पल केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं माना जा रहा है अपितु उस सपने की जीत थी जो सदियों की परीक्षा तथा संघर्ष के बाद अब साकार हो गया है इस मंदिर की भव्यता उसकी वास्तुकला की दिव्यता तथा उसमें समाई हुई सनातन परंपराओं की सुगंध ने इस अद्भुत समारोह को भी अविस्मरणीय बना दिया है. अब इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आस्था में वह शक्ति है जो लोगों को कनेक्ट करती है, प्रेरित करती है तथा मन के भीतर को मजबूत करती है राम मंदिर केवल एक वस्तु कला के उत्कृष्ट कृति नहीं अपितु करोड़ों दिलों की धड़कन उम्मीद तथा विश्वास का भी प्रतीक बन चुका है.

लाइट तथा मेकअप वातावरण का निर्माण

कविता श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत करने के दौरान कहा है कि ध्वजारोहण के साथ वातावरण में पूरे जय श्री राम के उद्घोष की पुकार हो रही हैं हर व्यक्ति के चेहरे पर उत्साह, हर आंखों में आस्था तथा हर दिल में राम नाम की एक ऊर्जा उत्पन्न हो रही है पूरे देश भर में आए संत, श्रद्धालु तथा विशेष अतिथियों ने इस दिव्य क्षण को अपनी उपस्थिति से और भी दिव्या और भव्य बना दिया है मंदिर के गर्भ गृह से लेकर बाहरी परिसर तक हर स्थान पर दीपों की रोशनी तथा अद्भुत साज- सज्जा से भी चमक उठा है मानो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे अयोध्या स्वर्गिक आभा का धारण कर पृथ्वी पर उतर गई हो.

उन्होंने आगे कहा मैं एक मेकअप आर्टिस्ट के रूप में मैं यह मानती हूं कि सौंदर्य केवल चेहरे पर नहीं अपितु आत्मा का भी होता है राम मंदिर में ध्वजारोहण का यह अवसर आत्मा के इस सौंदर्य का अनुभव करा रही है जैसे एक ऐसा सौंदर्य जो मन को शांत करता है, जीवन को दिशा देता है तथा राष्ट्र की एकता के सूत्र में पिरोता है. मैं एक मेकअप आर्टिस्ट के नजर से अक्सर देखती हूं की किस तरह सिनेमा में सेट लाइट तथा मेकअप का एक वातावरण का निर्माण करते हैं लेकिन अयोध्या में आज जो देखा वह किसी भी आर्ट डायरेक्शन और फिल्म सेट से कहीं अधिक वास्तविक दिव्य तथा मन को छू लेने वाला नजारा है यहां किसी कैमरे का निर्देश नहीं, किसी निर्देशक की कट एक्शन की आवाज नहीं, बस एक ऊर्जा श्रद्धा तथा संतोष की ध्वनि महसूस हो रही है ध्वजारोहण का यह पवन छड़ मन के भीतर तक हिला देने वाला है मानो स्वयं समय रुक गया हो, हवा में लहरती धर्म ध्वजा तथा सूर्य की किरणों में उसका सुनहरा चमकना यह दृश्य हमेशा के लिए इस स्मृतियों में बस चुका है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top