विश्वगुरु भारत की वसुंधरा पर लहराएगा, श्री राम ध्वजा – राहुल जायसवाल

आज देश ऐसे समय में व्यतीत हो रहा है की चारों तरफ राममय हो चुका है. आज कई दिनों से धार्मिक आस्था का विशाल उल्लास देखने को मिल पा रहा है मंदिर ट्रस्ट, प्रशासन स्थानीय समितियां तथा श्रद्धालु मिलकर इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक और विशेष रूप से यादगार बनाने के लिए जुट चुके हैं. देखा जाए तो जिस तरह से जनवरी 2024 में राम जन्मभूमि पर रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने पूरे विश्व को अपनी तरफ आकर्षित कर लिया था.

धर्म ध्वजा समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में

आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में नामचीन रतन एंड कंपनी के ओनर राहुल जायसवाल ने इस खास आयोजन पर मीडिया से खास बातचीत किया है उन्होंने कहा है कि अयोध्या में इस बार धर्म ध्वज स्थापना को लेकर भी उत्साह का माहौल लगातार देखने को मिल रहा है हिंदू परंपरा में धर्म ध्वजा केवल एक कपड़े का झंडा ही नहीं अपितु सदाचार, धर्म तथा नीति का प्रतीक भी माना जाता है मान्यता है कि धार्मिक स्थल और मंदिर पर धर्म ध्वज फहराने से पूरे विश्व में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा तथा भक्तों में आध्यात्मिक चेतना का भी विकास होगा

अयोध्या में प्रस्तावित धर्म ध्वजा विशेष रूप से शुभ मुहूर्त में स्थापित की जा रही है जिसके लिए पुरोहितों तथा वेद विशेषज्ञ की एक बड़ी टीम लगातार अनुष्ठान की बड़ी तैयारी कर रही है जिसको देश देख रहा है. आगे उन्होंने कहा है कि अयोध्या धाम के मुख्य मार्गों पर, मंदिर तथा राम पथ पर इन दोनों विशेष सजावट तीव्र गति के साथ किया जा रहा है पूरे शहर के प्रवेश द्वार से लेकर हनुमानगढ़ी, रामकोट, कनक भवन, जन्मभूमि परिसर तक की फूल मालाओं तथा लाइटिंग और तो और धार्मिक प्रतीकों की सजावट भी काफी बेहतर ढंग से की जा रही है नगर निगम तथा विकास प्राधिकरण द्वारा सड़क की साफ सफाई की समुचित व्यवस्था, सुचारू रूप से यातायात की व्यवस्था, रंगाई पुताई की विशेष तैयारी विशेष रूप से की जा रही है.

सांस्कृतिक, भक्ति तथा धर्म का संगम

राहुल जायसवाल ने अयोध्या धाम को लेकर के आगे कहा है की कुल मिलाकर अयोध्या धाम में धर्म ध्वज स्थापना समारोह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन ही नहीं होगा अपितु संस्कृतिक, आध्यात्मिक चेतना तथा सामाजिक का अद्भुत संगम भी बन चुका है. अब यह आयोजन रामनगरी की समृद्धि परंपरा तथा जीवंत संस्कृति को एक बार फिर पूरे विश्व के सामने प्रस्तुत करने जा रहा है जिसमें उत्साह श्रद्धा तथा भक्ति में डूबी यह रामनगरी एक बार फिर इतिहास रचने के लिए तैयार हो चुका है. इस दौरान धर्म ध्वज की ऊंचाई, स्थापना स्थल तथा डिजाइन को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है

ध्वज के कपड़े पर पारंपरिक पीट तथा केसरिया रंग का सुंदर मिश्रण देखने को मिलेगा. इस दौरान ओम का चिन्ह तथा श्री राम के प्रतीक अंकित होंगे. अब इस विशेष रूप से काशी तथा जयपुर के कारीगरों द्वारा यह अभ्यास सराहनीय रूप से किया जा चुका है. अब इस आयोजन ने अयोध्या के स्थानीय कारीगरों को भी एक महत्वपूर्ण अवसर भी भेंट किया है लकड़ी तथा धातु के काम में माहिर कारीगर ध्वजदंड की बनावट में जुटे हुए हैं. इस कड़ी में स्थानीय पेंटिंग्स कलाकार रामायण प्रसंग की चित्रकारी भी कर रहे हैं जिन्हें समारोह स्थल पर भाव रूप से प्रदर्शित भी किया जाएगा. इसी बीच में शहर के हस्तशिल्प बाजारों में भी रौनक काफी अधिक बढ़ चुकी है दुकानों पर धार्मिक झंडा, दीप, पट्टिकाएं, प्रतीक और स्मृति चिन्ह की मांग काफी हद तक बढ़ चुकी है. इस कड़ी में अयोध्या के विकास को लेकर ट्रस्ट तथा सरकार की ओर से कई भविष्य योजनाएं की भी घोषणा की उम्मीद की जा रही है.

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