आज पूरे देश में राम नाम की महिमा मशहूर होने के साथ-साथ हर कोई मंत्र मुग्ध हो गया है. अयोध्या धाम में राम मंदिर प्रांगण में आज आयोजित भव्य ध्वजारोहण समारोह ने पूरे देश में उत्साह तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे जिले में विशेष कर आयोजन और सभा आयोजित हुआ है. आज का दिन इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया गया है आज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों पर हर कोई चलने के लिए प्रेरित है.
राम के आदर्शों को जीवन में अपनाएं
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मालवीय रोड पर स्थित मैथमेटिका क्लासेस के मैनेजिंग डायरेक्टर आनंद उपाध्याय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा है की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्श, कर्तव्यनिष्ठा तथा अनुशासन को जीवन में अपने का महत्वपूर्ण सिख मिलता है संस्थान में सभी छात्राएं शिक्षकगणों तथा प्रबंधन सदस्य की उपस्थिति रही. आज प्रारंभ में प्रार्थना तथा राम भजन के साथ ध्वजारोहण को महसूस किया गया है. इस दौरान छात्राओं ने जिज्ञासा तथा उत्साह को महसूस करते हुए ध्वजारोहण को देखा है आज का यह दिन केवल धार्मिक महत्व का नहीं है अपितु नैतिक शिक्षा, संस्कृतिक जागरूकता तथा चरित्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने आगे भी कहा राम मंदिर का ध्वजारोहण केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं अपितु मर्यादा, सत्य तथा कर्तव्यपरायणता का विजय का प्रतीक है.
छात्रों के जीवन में यह तीन मूल्य सबसे अधिक और आवश्यक भी हैं जो छात्र इन मूल्यों को अपनाता है वहीं छात्र अपने जीवन में आगे बढ़ता है तथा समाज में सम्मान भी सही स्थान पर पाता है. आज का ध्वजारोहण समारोह तथा शिक्षक के प्रेरक संबोधन ने छात्रों के मन में नया उत्साह, आदर्श तथा सकारात्मक ऊर्जा को अपनाने की भावना का संचार किया गया है मैनेजिंग डायरेक्टर का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को न केवल संस्कार देता है अपितु उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर करता है. आज विद्यार्थियों के अंदर विशेष रूप से उत्साह दिखाई दिया है सब छात्रों ने चित्रकला कुछ ने कविता तथा कुछ ने भजन प्रस्तुत कर इस ऐतिहासिक दिन को भी और भी खास और त्योहार का पर्व बना दिया है. आज इस खास अवसर पर उन्होंने कहा राम मंदिर के ध्वजारोहण में जो एकता दिखाई दे रहा है वह हमें यही सिखाता है कि अगर हम सब साथ चलें तो बड़ी से बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर सकते हैं चाहे वह स्कूल हो तथा समाज, एकता, सम्मान तथा सहयोग हमेशा सफलता जीवन में लाते हैं.

अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी
आनंद उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत करने के दौरान कहा है कि छात्रों को यह भी बताया गया है कि राम मंदिर का निर्माण संघर्ष, एकता तथा विश्वास का परिणाम का एक उदाहरण है जिसमें विद्यार्थियों को भी टीमवर्क तथा सहयोग की भावना को अपनाना ही चाहिए. अपने संदेश में संबोधित करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को कहा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जीवन हमें यह सीखते है कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, विवेक तथा आदर्श को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहिए आज की पीढ़ी स्मार्ट और डिजिटल है, बुद्धिमान है लेकिन सही दिशा तथा सही मूल्य भी उतना ही जरूरी है. भगवान श्री राम ने अपने जीवन में कभी अनुशासन को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा है तथा यही अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी भी मानी जा रही है आप चाहें पढ़ाई करें, खेलें या कोई कला सीखे, अनुशासन आपको आगे लेकर जाने में काफी मदद करेगा.
आज के दिन सभी छात्रों ने और शिक्षको ने संकल्प दिलाया है कि आपसी भाईचारा, अनुशासन, आदर्श तथा ईमानदारी आचरण को अपने जीवन का हिस्सा आवश्यक रूप से बनाएं छात्रों से यह भी आग्रह किया गया है कि वह अपने परिवार समाज तथा राष्ट्र की संस्कृति का आवश्यक रूप से सम्मान करें. राम मंदिर केवल एक इमारत ही नहीं है अपितु भारतीय संस्कृति की आत्मा का भी प्रतीक है जिसे समझना तथा आगे बढ़ाना आने वाले पीढ़ी की संपूर्ण जिम्मेदारी भी है. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम से सबसे बड़ी आज की शिक्षा हमें मिलती है कर्तव्य को सर्वोपरि रखना है आपका कर्तव्य अभी पढ़ाई है जब आप पढ़ाई को पूरा मन से करेंगे तभी भविष्य में बढ़कर समाज तथा देश की सेवा कर पाएंगे. आनंद ने कहा मोबाइल, सोशल मीडिया तथा तकनीकी का उपयोग समझदारी से करें समय का दुरुपयोग कदापि ना करें तथा अपनी पढ़ाई पर पूरा आवश्यक रूप से ध्यान दें तभी आपको आगे की सफलता मिल पाएगी.


