आज के प्रतिस्पर्धात्मक समय में जहां विद्यार्थी अंकों, रैंक तथा परीक्षा परिणाम में निरंतर दौड़ में मानसिक दबाव, तनाव तथा भय का सामना कर रहे हैं. अब ऐसे समय में दिल्ली स्कूल आफ एक्सीलेंस से बस्ती द्वारा आयोजित मेगा करियर सेमिनार विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन सिद्ध हुआ है. जिसमें शनिवार 31 जनवरी 2026 को विद्यालय पर परिसर में Purpose Planning And The Path Method विषय पर आयोजित इस सेमिनार ने करियर को लेकर एक सकारात्मक संतुलित तथा व्यवहारिक सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है.
बस्ती में मेगा करियर सेमिनार का आयोजन
इस सेमिनार का मुख्य वक्ता प्रसिद्ध करियर और पेरेंटिंग कोच मुकेश शर्मा रहे. जिन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन से विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को गहराई से प्रभावित किया है. अपने वक्तव्य में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया है कि करियर कोई ऐसा दौड़ नहीं जिसे जल्दबाजी में जीतना हो, अपितु यह एक सोच समझकर तय किया गया जिम्मेदारी तथा दीर्घकालिक सफर है. उन्होंने आगे कहा कि केवल अंको, रैंक तथा सामाजिक दबाव के आधार पर लिया गया करियर निर्णय भविष्य में असंतोष तनाव तथा असफलता का कारण बन सकता है. मुकेश शर्मा ने विद्यार्थियों को आत्मविश्लेषण करने, अपनी रुचियां, क्षमताओं तथा व्यक्तित्व को समझने पर बल दिया है. उन्होंने बताया कि जब विद्यार्थी अपने स्वभाव तथा समर्थ के अनुरूप करियर चुनते हैं तब वह न केवल सफल होते हैं अपितु मानसिक रूप से भी संतुलित तथा आत्मविश्वासी बने रहते हैं.

उन्होंने कहा वर्तमान में परीक्षा प्रणाली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा तथा बदलते करियर परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज सफलता का मापदंड केवल टॉप रैंक हासिल करना ही नहीं अपितु निरंतर प्रयास, सही दिशा, सकारात्मक सोच तथा मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है. इस सेमिनार के दौरान लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन तथा आत्म अनुशासन जैसे विषयों को सरल, उदाहरण के माध्यम से समझाया गया. जिससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई तथा जीवन में अस्पष्टता मिली. उन्होंने विद्यार्थियों को असफलता से डरने के बजाय उसे सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की सलाह दी है.

सकारात्मक सोच देने वाला मेगा सेमिनार संपन्न
इस दौरान अभिभावकों को संबोधित करते हुए करियर कोच मुकेश शर्मा ने बताया कि बच्चों का कैरियर माता-पिता के दबाव से नहीं अपितु उनके सहयोग विश्वास तथा समझ से बनता है. उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वह बच्चों की तुलना दूसरों से ना करें उनकी रुचियां को पहचाने तथा उन्हें भावनात्मक सुरक्षा भी प्रदान करें. आगे उन्होंने बताया कि जब माता-पिता मार्गदर्शन तथा मित्र की भूमिका निभाते हैं. तब बच्चे बिना भय के अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते हैं. इस कार्यक्रम में वरिष्ठ केमेस्ट्री फैकेल्टी अशोक शुक्ला ने बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े अपने बहुमूल्य अनुभव साझा किए हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी परीक्षा में असफलता के लिए मजबूत कॉन्सेप्ट, नियमित अभ्यास, अनुशासन तथा निरंतर आत्म मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रारंभिक कक्षाओं से ही रणनीति अपनाने तथा समय का सदुपयोग करने की सलाह दी है. इस अवसर पर दिल्ली स्कूल आफ एक्सीलेंस बस्ती द्वारा School Integrated Program की औपचारिक घोषणा भी की है.

इस कार्यक्रम के अंतर्गत क्लास 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए ओलंपिक और एनटीएस की तैयारी कराई जाएगी. जबकि कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए IIT-JEE MEN AND ADVANCE और NEET UG की सघन और व्यवस्थित तैयारी कोटा के अनुभवी फैकल्टी द्वारा विद्यालय परिसर में ही कराई जाएगी. इस पहल से बस्ती और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को कोटा, लखनऊ तथा दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाकर भारी खर्च करने की आवश्यकता अब बिल्कुल नहीं पड़ेगी. विद्यार्थी अपने माता-पिता के साथ रहकर कम शुल्क में कोटा पैटर्न की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त आसानी से कर पाएंगे. कार्यक्रम का प्रारंभ विद्यालय के निदेशक जेपी सिंह और प्राचार्य गोपाल त्रिपाठी ने मंच से मुख्य अतिथियों का भव्य स्वागत किया है. उन्होंने अपने संबोधन में इस शैक्षणिक पल को क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए बताया है कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं रखना है अपितु विद्यार्थियों का संवार्गीण विकास करना है. कार्यक्रम का कुशल संचालन दिव्या त्रिपाठी द्वारा किया गया. सेमिनार में विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं उपस्थित रही. बड़ी संख्या में छात्राओं तथा अभिभावक इस कार्यक्रम में शामिल हुए तथा सभी ने इसे समय की आवश्यकता बताते हुए अत्यंत सराहनीय बताया है.


