त्योहारों की दस्तक के साथ रूपम रिगलिया सजा, रमजान महीने पर नई ड्रेस की भरमार – करनप्रीत सिंह वाधवा

बस्ती ‌गांधीनगर में स्थित रूपम रिगलिया के ज्ञानदीप सिंह वाधवा और राजदीप सिंह वाधवा होलिका दहन, होली और रमजान महीने पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि भारत में अनेकों त्योहार मनाए जाते हैं. लेकिन होली, रमजान तथा ईद का त्यौहार बहुत ही अलग तरीके से भारत में मनाया जाता है. भारत की होली विभिन्न रंगों वाली होती है और धार्मिक क्षेत्रों में फूलों से होली खेली जाती है.

होली, रमजान पर खरीदारी तेज

करनप्रीत सिंह वाधवा ने कहा फाउंडर स्वर्गीय जसवंत सिंह वाधवा आज हमारे बीच नहीं है. लेकिन आज भी कई ग्राहक और हमारा परिवार उनको याद करता है. जब स्वर्गीय जसवंत सिंह ने बस्ती की होली के बारे में बताया था. फागुन महीने की होली हमारे बीच नयी खुशहाली लेकर आती है और हम लोगो को खुश करके जाती है. प्राचीन पौराणिक कथाओं के अनुसार होलिका दहन के दिन भगवान विष्णु के घर तक की जीत हुई थी और बुराई की हार रही थी. इस दिन की स्मृति के लिए हमारे पूर्वजों ने होलिका दहन को मनाने की परंपरा शुरू कर दी. तब से लेकर आज तक यह त्यौहार मनाया जाने लगा. होलिका की प्रज्वलित अग्नि के सामने हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम अपना विकास करके समाज कल्याण का रास्ता प्रशस्त करेंगे. होलिका की प्रज्वलित अग्नि के सामने हमें यह भी संकल्प लेना होगा कि हम भारत की गरिमा कभी भी गिरने नहीं देंगे.

होलिका की कथा हमें इस बात के लिए भी प्रेरित करती है कि हमें हमेशा सत्य के रास्ते पर चलना चाहिए और ईश्वर की भक्ति करके अपनी शक्ति को निरंतर बढ़ाना चाहिए. वर्तमान भारत की बात की जाए तो यहां पर अधिकतर लोग रासायनिक रंगों का प्रयोग करते हैं. यह रासायनिक रंग कहीं ना कहीं हमारी शारीरिक त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए हमें इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि हमें केवल अबीर, गुलाल या प्राकृतिक फूलों की होली खेलनी चाहिए. अबीर गुलाल और प्राकृतिक फूलों की होली हमारे भारत और भारतीयता की पहचान भी है. भारतीय साधु संतों की माने तो यह भी कहा जाता है कि होली का त्योहार राधा-कृष्ण के आलौकिक प्रेम का साकार प्रतिबिंब है. क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपने ग्वालो के साथ गोकुल, वृंदावन, मथुरा में होली खेली थी. उसी समय से होली का पावन त्यौहार मनाया जाने लगा.

शोरूम में आया लेटेस्ट कपड़ों का कलेक्शन

मीडिया से बातचीत करने के दौरान करनप्रीत सिंह वाधवा ने कहा कि इस समय पवित्र रमजान का महीना भी चल रहा है. जो पूरे देश में श्रद्धा, आस्था तथा भाईचारे का प्रतीक माना जाता है. इस खास मौके को ध्यान में रखते हुए रूपम रीगलिया के शोरूम में कपड़ों की बेहतरीन तथा नई कलेक्शन ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराई गई है. जिसमें उनका कहना है कि रमजान के दौरान लोग इफ्तार, नमाज तथा ईद की तैयारी में जुट जाते हैं. ऐसे में हर कोई अपने लिए तथा अपने परिवार के लिए अच्छे और आकर्षक कपड़ों की तलाश करते है. अब इसी को देखते हुए रूपम रीगलिया के शोरूम में लेटेस्ट डिजाइन कुर्ता-पायजामा, पठानी सूट, एथेनिक वियर तथा अन्य फैशनेबल परिधान की शानदार रेंज लाया गया है. करनप्रीत सिंह वाधवा ने कहा कि यहां ग्राहकों को बेहतरीन क्वालिटी के साथ-साथ किफायती दामों पर कपड़े उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि हर वर्ग के लोग अपने पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकेंगे.

रमजान का महीना केवल इबादत तथा रोजे का नहीं अपितु आपसी प्रेम, सौहार्द तथा खुशी बांटने का भी अवसर होता है. इसी भावना के साथ रूपम रिगलिया अपने ग्राहकों के लिए खास कलेक्शन लेकर आया है. जिसमें लोग रमजान तथा आने वाले ईद के त्यौहार को और भी खास बना पाएंगे. करनप्रीत सिंह वाधवा ने सभी लोगों से अपील भी किया है कि वह एक बार रूपम रीगलिया के शोरूम पर अवश्य आए तथा यहां उपलब्ध नई तथा आकर्षक कलेक्शन का लाभ उठाएं. आगे उन्होंने जानकारी दिया कि आप हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी कपड़ों की बेहतरीन डिजाइन तथा इंस्टा आईडी ( roopam_regalia) पर विजिट कर सकते हैं. उन्होंने सभी को होली और रमजान के पवित्र महीने की ढेर सारी शुभकामनाएं भी दी है. यह महीना सभी के जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि लेकर आए.

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