यूपी के इस जिले में इंडो नेपाल शैक्षिक भ्रमण का समापन

पूरे विश्व में शिक्षा वह रोशनी है जो अज्ञानता से अंधकार को मिटा देती है आज इंसान को सिर्फ पढ़ना, लिखना ही नहीं सीखना अपितु सोचने समझने तथा सही निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होना जरूरी है शिक्षा का वह सीढ़ी जो सपनों को हकीकत से कनेक्ट करती है तथा जीवन में आत्मविश्वास बढ़ाती है जो व्यक्ति सीखना कभी नहीं छोड़ता वह आगे बढ़ाने के अवसर खुद बना लेता है. परिस्थितियों कैसी भी हो ज्ञान हमेशा साथ देता है.

सपनों को हकीकत में बदलने वाला सबसे बड़ा साधन ज्ञान

आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में सनराइज स्कूल में इंडो नेपाल शैक्षिक भ्रमण का समापन हुआ है. विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर फैसल अख्तर ने मीडिया से खास बातचीत किया जिसमें उन्होंने कहा है कि छात्रों का दो दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन ऐतिहासिक रहा है इस आयोजन में छात्रों को नेपाल राष्ट्र, नेपाली बातचीत, कैरेंसी और खरीदारी अन्य पहलुओ पर ज्ञानवर्धन बातचीत की गई. इस शैक्षणिक भ्रमण का शुरुआत 26 नवंबर 2025 सुबह लगभग 6:00 बजे स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. इस कड़ी में नेपाल राष्ट्रीय पहुंचने पर स्वागत कार्यक्रम का भी भव्य रूप से आयोजन किया गया जिसमें सभी को स्मृति चिन्ह और तिरंगा बैच वितरित करके स्वागत किया गया. इस भ्रमण का आरंभ मनी मुकुंद सेन पार्क और फुलवारी, चिड़ियाघर से प्रारंभ होकर सस्पेंशन बृज मार्ग होते हुए जितगढ़ी जिला पर दिन में समापन किया गया.

अब शाम के समय में अमर पथ मार्केट में सभी छात्रों ने खूब खरीदारी, मुद्रा विनिमय व विदेशी व्यंजन का हर्षो उल्लास के साथ आनंद लिया. अब इस कड़ी में पहले दिन की यात्रा को समाप्त करके सभी लोग होटल पहुंचे वहां पर आराम किया गया तथा शाम की चाय की चुस्की लेने के लिए सभी डाइनिंग हॉल में शामिल हुए तथा चाय के साथ ब्रेड, जाम, बिस्किट, नमकीन के साथ शाम को खूबसूरत बनाया गया. जिसमें रात्रि का भोजन करने से पहले भव्य बैंक्विट हॉल में कई प्रकार के खेलों का भी आयोजन रखा गया जिसमें बच्चों की टीम बनाना तथा टीम स्पिरिट का ज्ञान लिया गया. खेल अब समाप्त होने के बाद रात्रि का भोजन भोजनालय कक्ष में जाकर सभी ने ग्रहण किया होटल प्रबंधन ने रात्रि के खाने के लिए सभी लोगों का स्वागत किया. पौष्टिक भोजन का आनंद यादगार रहा तथा हरे भरे लान के तरफ बढ़ गए सब ने चहल कदमी की, थोड़ी हंसी मजाक किया तथा इस तरह से पहले दिन का सुखद आनंद प्राप्त हुआ.

आसान कर देता है जीवन की राह शिक्षा

डॉक्टर फैसल अख्तर ने आगे बताया कि अब दूसरे दिन की शुरुआत सुबह की दैनिक क्रियाकलाप योग और शारीरिक व्यायाम के साथ प्रारंभ हुआ. उसके बाद बेहतरीन इलायची वाली चाय का आनंद सभी लोगों ने लिया तथा हिल पार्क घूमने के लिए लोग यहां से निकल गए. इसी बीच सुबह की पूडी़ सब्जी भी तैयार हो चुकी थी नाश्ता करने के बाद एन जी मार्ट के लिए लोग आगे बढ़े. इसी बीच यहां पर खूब खरीदरियां भी की गई अब सभी ने होटल वापस आकर दिन का भोजन का मन ही मन आनंद लिया तथा लुंबिनी के लिए निकल गए अब आगे लुंबिनी गौतम बुद्ध की जन्मस्थली को भी देखकर महसूस किया गया सभी लोगों ने जन्मस्थली में नाना प्रकार के मंदिर को भी भ्रमण करके वहां की चीजों को सीने से लगाया लुंबिनी के लोकर मार्केट में शॉपिंग का भी आनंद नहीं छोड़ा गया तथा रात्रि करीब 9:00 स्कूल वापस आ गए.

अब इस प्रकार से शैक्षिक भ्रमण का समापन धूमधाम से किया गया. फैसल अख्तर ने कहा बच्चों ने पूरा दिन सीखने तथा अनुभव करने के बाद जब बच्चे वापस विद्यालय लौटे तब उनके चेहरे पर संतोष तथा प्रसन्नता साफ दिखाई दे रहा था सभी बच्चे अपनी-अपनी सीट पर बैठकर चर्चा भी करते नजर आए उन्हें सबसे अच्छा क्या लगा तथा उन्हें नया क्या सीखा. कई विद्यार्थियों ने पहली बार किसी ऐतिहासिक स्थलों पर प्रत्यक्ष रूप से बहुत कुछ देखने को मिला इसीलिए अब उनकी खुशी देखते ही हमारा मन भी प्रसन्नचित है. विद्यालय पहुंचने बच्चों को सुरक्षित यात्रा के लिए भी धन्यवाद दिया तथा उन्होंने कहा कि वह अनुभव को केवल भ्रमण की याद के रूप में ना देखें अपितु अपने अध्ययन तथा जीवन में उपयोग करें उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी संदेश दिया है कि शिक्षा केवल किताबों तक ही सीमित नहीं है वास्तविक अनुभव को भी हम देखकर महसूस कर बहुत कुछ सीखते हैं.

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