रंजीवन ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर हर्षित गुप्ता फागुन माह के पवित्र पर्व होली पर सकारात्मक विचार प्रस्तुत करते हुए जिले सहित पूरे देश के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि होली का त्यौहार आया है. सभी के घर होली मनाने की तैयारी चल रही होगी अब सभी के घर ये होली ढेर सारी खुशियां लेकर आने वाली है। अब हर भारत वासी के चेहरे पर एक अनोखी मुस्कान दिखाई देगी। अब हर भारतवासी का चेहरा अनेक रंगों से रंगा हुआ दिखाई देगा।
होली पर हर्षित गुप्ता का संबोधन
न्यूज़ ऑफ़ नेशन से बातचीत करने के दौरान हर्षित गुप्ता ने बताया कि भारत की आत्मा विशेष रूप से भारत की संस्कृति और भारत के पवित्र त्योहारों में दिखाई देती हैं. होली केवल रंग को खेलने वाले त्यौहार नहीं है बल्कि अपने जीवन में उत्साह रूपी रंग भरने का एक सुनहरा अवसर है. ऐसा अवसर साल में केवल एक बार ही आता है. हमें इस अवसर को जाने नहीं देना चाहिए. इस अवसर का हमें भरपूर लाभ उठाना चाहिए. होली का त्यौहार हमारे विचारों में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश लेकर आता है क्योंकि होली का त्यौहार हमें भीतर से ऊर्जा देता है और सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित भी करता है.

होली जैसा पवन पवित्र पर्व हमें यह सीखता है कि रात कितनी ही लंबी क्यों ना हो पर सुबह होना निश्चित होता है. हर्षित गुप्ता ने होली के पावन पर्व पर युवाओं को संबोधित कहते हुए कहा कि युवा राष्ट्र की आंतरिक शक्ति होती है, युवा राष्ट्र की नींव होता है, एक सशक्त युवा ही समाज को तथा राष्ट्र को एक नई दिशा और एक नया विचार दे सकता है. एक ऐसा विचार जो राष्ट्र कल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए हितकारी हो. इसलिए मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि होली का त्योहार को रंगो के मनाने के साथ साथ खुद के विकास पर आत्म मंथन और संकल्प करने का भी सुनहरा अवसर है।

युवा राष्ट्र की शक्ति, हर्षित गुप्ता का संदेश
प्रेस वार्ता के दौरान हर्षित गुप्ता ने कहा आज के समय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत के युवाओं को किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहना चाहिए बल्कि अपने लक्ष्य के प्रति नई नीतियां बनाकर उसे प्राप्त करने की हर संभव प्रयास करना चाहिए. प्राचीन पौराणिक धार्मिक कथाओं के अनुसार होली का मूल रूप से संदेश यही है कि “अधर्म पर धर्म की विजय होती है” ये वाक्य पूर्णतः सत्य है और मैं इसे अपने जीवन में साकार होते हुए भी देखा है. होली से एक दिन पहले होलिका दहन का पावन दिन आता है जो हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का याद दिलाता है. होली और होलिका दहन का दिन हमें अपने भीतर के अहंकार, ईर्ष्या, प्रतिस्पर्धा, तनाव और नकारात्मकता को नष्ट करने की एक नई शक्ति देता है और चरित्र निर्माण करने ने की उत्तम प्रेरणा भी देता है.

आज के आधुनिक युग में युवाओं को और भी ज्यादा सशक्त बनने की आवश्यकता है, आधुनिक उपकरणों का प्रयोग करने के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार और संस्कार का भी ज्ञान होना बहुत ही आवश्यक है. दूसरों से खुद की तुलना करने की बजाय अपने भीतर की बुराइयों को मिटाकर और आत्मनिर्भर बनकर एक सभ्य और ईमानदार युवा बनने का प्रयास करना चाहिए. मैं डायरेक्टर हर्षित गुप्ता भारत के 150 करोड़ भारतीय भाई-बहनों को एक बार फिर होली की शुभकामनाएं देता हूं होली का यह त्यौहार आप सबके जीवन में नए रंग भरे इसके साथ ही नयी खुशियां लेकर आए.


