विश्वभर को नई दिशा देने वाले महान योद्धा डॉ भीमराव अंबेडकर – संतोष सिंह

आज देश के इतिहास में कुछ ऐसे महान व्यक्तित्व ने जन्म लिया है जिन्होंने राष्ट्र की दिशा ही नहीं अपितु आत्मा को भी नया स्वरूप दिया है उन्ही महान हस्तियां में से कई हस्तियों का नाम आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है आज पूरे विश्वभर में सामाजिक, न्याय, समानता तथा मानव अधिकार के प्रबल सार्थक के रूप में भी जाने जाते हैं.

समाज में समानता की लड़ाई का महान योद्धा, जाने

आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में जीवीएम कान्वेंट स्कूल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रांत बस्ती द्वारा समरसता दिवस का भव्य आयोजन धूमधाम से संपन्न किया गया है. स्कूल के डायरेक्टर संतोष सिंह ने कहा है कि भारत को न केवल एक आधुनिक लोकतांत्रिक राष्ट्र का ढांचा मिला है अपितु करोड़ों लोगों के जीवन में सामान्य शिक्षा तथा स्वाभिमान की नई रोशनी भी उज्जवल हुई है. इस कड़ी में आज परिषद द्वारा यह दिवस केवल भारत के संविधान के मुख्य शिल्पकार सामाजिक न्याय के डॉ भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उनके समरस समाज के संदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजन किया गया है इस कार्यक्रम में प्रारंभ में पारंपरिक और विधि विधान से दीप प्रज्वलित करके साथ हुआ है फिर उसके बाद विद्यालय परिसर में समरसता सम्मान समानता तथा राष्ट्रीय भाव का वातावरण एक नई ऊर्जा से विभोर कर दिया.

इस दौरान डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 850 वर्ग फुट की भव्य रंगोली बनाई गई यह रंगोली ना केवल कला का अद्भुत स्वरूप हुआ अपितु अंबेडकर साहब के विचारों, समान अधिकार शिक्षा तथा सामाजिक उत्थान का जीवंत को संदेश दे रहा था। रंगोली को देखने के लिए विद्यालय के छात्राओं तथा अध्यापक, शिक्षक मुख्य अतिथि की बड़ी संख्या उमड़ी हुई दिखाई दी है. उन्होंने आगे कहा डा. भीमराव अंबेडकर का जीवन संघर्ष से भरा हुआ है लेकिन उन्होंने कठिनाइयों के आगे भी कभी हार नहीं माना बचपन से ही भेदभाव तथा सामाजिक अन्याय का सामना करने के बावजूद भी उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार माना है उनका कहना था कि शिक्षित बनो, संगठित रहो तथा संघर्ष करो। इन तीनों सिद्धांतों से समाज में किसी भी अन्याय का सामना आसानी से किया जा सकेगा.

विश्वभर को समानता का पथ दिखाया, नई रोशनी जगाई

इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा है कि अंबेडकर साहब का जीवन सामाजिक न्याय का प्रतिरूप है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिस समर्पण से छात्रों में समरसता का संदेश पहुंचाया है वह समाज के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा जब युवा समानता तथा एकता को अपनाते हैं तब समाज में किसी भी प्रकार का विभाजन समाप्त हो जाता है. इस कड़ी में कार्यक्रम के संयोजक आशुतोष पांडेय ने बताया है कि समरसता दिवस हमें यह स्मरण दिलाता है कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था कि जहां प्रत्येक व्यक्ति को सामान अवसर मिल पाए जब 500 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता हुआ तो यह प्रमाणित हुआ है कि नई पीढ़ी समाज को जोड़ने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए अग्रसर है तब उन्होंने सभी अतिथियों विद्यालय प्रबंधन तथा राष्ट्रीय कला मंच के कलाकारों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ढेर सारी बधाइयां दी है.

इस खास मौके पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रोफेसर सुषमा पांडेय ने बताया है कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने भारत को समानता के पथ का मार्ग को दिखाया है समरसता केवल एक विचार नहीं अपितु वह आधार है जो समाज को कनेक्ट करता है विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य यह है कि इसी मूल्य को युवाओं तक पहुंचना है क्योंकि पूरे देश में युवा ही वह शक्ति है जो समाज में स्थाई सकारात्मक परिवर्तन आने वाले भविष्य में ला सकता है. इसी बीच कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों द्वारा समरसता संकल्प भी लिया गया है जिसमें समाज में समानता, भाईचारा तथा एकता को और भी मजबूत करने के लिए संकल्प लिया गया है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्ती ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम तथा व्यापक रूप में आयोजित करने की संदेश भी व्यक्त किया है.

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