आज नवीन वर्ष पूरा देश मना रहा है नवीन वर्ष हम सभी के जीवन में नई उम्मीद तथा नए अवसर लेकर हर बार आता है. इस अवसर पर मेरा सभी से यही संदेश है कि हम अपने स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें. स्वस्थ शरीर तथा स्वस्थ मन के बिना कोई भी सफलता पूर्ण नहीं हो सकता है. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम पर्याप्त नींद तथा सकारात्मक सोच को अपने दिनचर्या का हिस्सा अवश्य बनाएं. डिजिटल उपकरण के अत्यधिक प्रयोग से आंखें तथा मानसिक स्वास्थ्य का बुरा प्रभाव पड़ता है.
स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में नवीन वर्ष के शुभ अवसर पर आनंद हॉस्पिटल एंड आई केयर सेंटर की निदेशक और चिकित्सा डॉक्टर सुष्मिता भटनागर सिंह ने आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया है जिसमें उन्होंने बताया है कि नया साल केवल कैलेंडर बदलने का समय नहीं है अपितु यह अपने जीवन शैली तथा स्वास्थ्य आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने का भी एक महत्वपूर्ण सुनहरा अवसर है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा है कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य को सबसे अधिक नजर अंदाज भी कर रहे हैं जिसका परिणाम कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों के रूप में सामने धीरे-धीरे आ रहा है. अब ऐसे में जरूरी है कि नया साल की शुरुआत से ही हम अपने शरीर तथा मन दोनों की देखभाल को प्राथमिकता दें.

स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद तथा मानसिक शांति बेहद रूप से आवश्यक है. अक्सर लोग नए साल पर बड़े-बड़े संकल्प तो ले लेते हैं लेकिन उन्हें निभा नहीं पाते हैं इसलिए छोटे तथा व्यवहारिक लक्ष्य बनाना अधिक प्रभावित होता है. जैसे रोजाना टहलना, जंक फूड को कम करना तथा समय पर भोजन करना अति आवश्यक है. इस अस्पताल में आंखों के स्वास्थ्य पर विशेष रूप से जोर देते हुए कहा है कि आज डिजिटल युग में मोबाइल लैपटॉप तथा टीवी का अत्यधिक उपयोग आंखों पर बुरा प्रभाव डाल रहा है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक आंखों में जलन, सूखापन तथा नजर कमजोर होने की शिकायतें तीव्र गति के साथ बढ़ रही है उन्होंने सलाह दी है कि हर 20 मिनट में आंखों को आराम दे पर्याप्त रोशनी में काम करें तथा नियमित नेत्र जांच आवश्यक रूप से कराएं.

अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प
मीडिया से बातचीत करने के दौरान चिकित्सक डॉक्टर सुष्मिता भटनागर सिंह ने कहा है कि नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच को लोग अक्सर तब तक टालते रहते हैं जब तक कोई गंभीर समस्या सामने ना आ जाए. जबकि समय-समय पर जांच करने से कई बीमारियों का शुरुआती स्तर पर ही पता लगाया जा सकता है कि उनका इलाज आसान भी हो सकता है. आज नए साल पर सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह साल में कम से कम एक बार पूरी हेल्थ चेकअप आवश्यक रूप से कराएं. उन्होंने आगे यह भी कहा है कि मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी प्रकाश डाला. तनाव, चिंता तथा अवसाद आज की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन चुका है मानसिक स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है जितना ही शारीरिक स्वास्थ्य होना चाहिए. इसके लिए योग्य, ध्यान, सकारात्मक सोच तथा परिवार के साथ समय बिताना बेहद लाभकारी बताया है.

आनंद हॉस्पिटल एंड आई केयर सेंटर की ओर से यह प्रयास लगातार किया जा रहा है कि लोगों को बेहतर सुलभ तथा विश्वसनीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा सके. अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ मरीज को जागरूक करने के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य सेवाएं तथा परामर्श कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है. उन्होंने अंतिम बात रखते हुए कहा है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है अगर हम स्वयं स्वस्थ रहेंगे तभी अपने परिवार तथा समाज की जिम्मेदारियां को सही ढंग से निभा पायेंगे और नया साल सभी के लिए खुशहाली स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए. यही मेरी कामना है डॉक्टर सुष्मिता भटनागर सिंह का यह संदेश न केवल प्रेरणादायक है अपितु समाज के हर वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी सिद्ध हुआ है कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भविष्य में गंभीर परिणाम भी ला सकती है. नए साल पर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना ही सबसे बड़ा उपहार है जो हम खुद को दे सकते हैं.


