आज पूरे देश भर में आदर्श पड़ोसी, आदर्श समाज के नारे के साथ-साथ पड़ोसी के अधिकारों पर आधारित दस दिवसीय कार्यक्रम की प्रारंभ की गई है जिसमें इस मुहिम का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, पड़ोसी संबंधों में सुधार लाना तथा आधुनिक शहरी जीवन में तेजी से कम होते सामुदायिक जुड़ाव को फिर से सशक्त रूप से मजबूत करना है.
21 तारीख से 30 नवंबर तक पूरे देश में
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में प्रेस क्लब में जमाअत-ए-इस्लाम हिंद के अध्यक्ष कमर अली ने कहा है कि आदर्श पड़ोसी आदर्श समाज के नारे के साथ-साथ पड़ोसियों के अधिकारों को लेकर 10 दिवसीय देशव्यापी मुहिम का प्रारंभ किया गया है. अभी से मुहिम को 21 तारीख से 30 नवंबर तक पूरे देश में चलाया जा रहा है जिसका सिर्फ और सिर्फ उद्देश्य पड़ोसियों के प्रति अच्छे व्यवहार तथा सद्भावना की भावना की फिर से जगन तथा सामुदायिक संबंधों को और भी मजबूत करना है शुक्रवार के दिन प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से भी वार्ता किया गया था. सभी पत्रकारों से वार्ता के समय जमात के अध्यक्ष कमर अली ने बताया है कि
इस्लाम पड़ोसियों के अधिकारों को बड़ा महत्व देता है तथा इस पर एक सामंजस्यपूर्ण समाज की आधारशिला माना जाता है इस कड़ी में कुरान में भी अनुयायियों को स्पष्ट रूप से न केवल निकटतम पड़ोसियों के साथ अपितु अस्थाई पड़ोसी के रूप में निकट आए लोगों के साथ भी अच्छा व्यवहार करने का भी आदेश भी दिया गया है इस दौरान सहयात्री, सहकर्मी तथा यहां तक की सड़क पर हमारे साथ चलने वाले लोग भी शामिल हैं अब इस मुहिम के माध्यम से हर अपने इस्लाम कॉम को इन अनिवार्य शिक्षाओं की याद दिलाना चाहते हैं कि उन्हें अच्छे पड़ोसी बनने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं तथा समाज के सामने इस्लाम का सही चेहरा पेश किया जा सके.

शहरी इलाकों में बढ़ते अकेलेपन की भावना
इस मुख्य कार्यक्रम में आगे बताया गया है कि अच्छे रिश्तों के नींव पर समाज अपने आप ही एक मिशाली समाज बन ही जाता है तथा पड़ोसी एक दूसरे के साथ इंसाफ, क्षमता तथा दया के साथ पेश आते हैं तो इससे उठने वाली लहर पूरे समाज को परिवर्तनशील बना देता है हमें यह भी उम्मीद है कि यह मुहिम न सिर्फ पड़ोसियों के बीच के झगड़ा सुलझाएगी अपिऊ सामाजिक जिम्मेदारी और दया जैसे इस्लामी मूल्यों का एक मजबूत सबूत भी स्थापित होगा इसी बीच पड़ोसियों के अधिकार मुहिम के जिला संयोजक अब्दुल हादी नदवी ने कहा है कि यह प्रारंभ शहरी इलाकों में बढ़ते अकेलेपन की भावना को भी संबोधित करती है जिसकी वजह से पड़ोसी रिश्तो की अनदेखी भी हो रही है इन्होंने इस बात पर भी लगातार जोर दिया है कि इस मुहिम का लक्ष्य आपसी हमदर्दी, ट्रैफिक डिसिप्लिन, साफ सफाई सहयोग को बढ़ावा देना है.
जिसमें इस्लाम धर्म अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानता है. इस खास मुहिम कार्यक्रम में अब कई तरह के आयोजन किए जाएंगे जैसे सभी धर्म के पड़ोसियों के साथ-साथ मीटिंग करना, पूरे मोहल्ले भर में सफाई मुहिम, चाय सभाएं, सांस्कृतिक प्रतियोगिता, महिलाओं तथा युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन, रास्ते के अधिकारों पर जागरूकता रैलिया निकल जाएगी. अब विभिन्न धर्मो के बीच तालमेल को मजबूत करने तथा इस्लाम के बारे में गलतफहमियों को दूर करने के लिए गैर मुस्लिम भाइयों तथा बहनों तक पहुंचने पर विशेष रूप से बल दिया जाएगा. इस अभियान में अपने पड़ोसी को जाने, आज पड़ोस में संस्कृत सभाएं तथा स्थानीय समितियां की योजना भी शामिल किया गया है तथा इस अभियान के बाद भी लगातार विचार विमर्श तथा फालोअप को प्रोत्साहन मिलता रहेगा. इस प्रेस वार्ता में अबरारूल हक़, आर.के आरतियन, गोपेश्वर त्रिपाठी, हृदय गौतम, के.के तिवारी, अब्दुल गनी, हारून साहिल आदि लोग मौजूद रहे.


